पंडित जवाहरलाल नेहरू के अनुसार "विश्वविद्यालय का अस्तित्व मानववाद के लिए शहर उड़ता और विवेक के लिए विचार गत साहस तथा सत्य की खोज के लिए होता है उसका लक्ष्य है मानव समाज निरंतर उद्देश्य की ओर कदम बढ़ाए राष्ट्र और जनता की भलाई इसी में है कि विश्वविद्यालय अपने दायित्व का समुचित निर्वाह करते रहे"
राधाकृष्णन आयोग 1948-49 के अनुसार उच्च शिक्षा के कुछ निम्नलिखित उद्देश्य तय किए गए थे जो निम्न है
1. भारत में ऐसी विभूतियों को तैयार करना जो राजनीति, प्रशासन, व्यवसाय, उद्योग एवं वाणिज्य आदि क्षेत्रों में स्वस्थ . प्रतिनिधित्व कर सकें.
2. लोकतंत्र आदर्शों की सुरक्षा करना तथा व्यक्ति एवं समाज में सामंजस्य स्थापित करना.
3. प्राचीन मर्यादाओं का सम्मान करते हुए नवीन मान्यताओं विचारधाराओं के बौद्धिक अग्रदूत ओं को तैयार करना.
4. राष्ट्रीय अनुशासन, अंतर्राष्ट्रीय अवबोध, आध्यात्मिक विकास, न्याय, स्वतंत्रता, समानता एवं मातृत्व की भावना का निर्माण करना.
5. सामाजिक मुक्ति में सहायता प्रदान करना
6. व्यक्तियों में जन्मजात गुणों की खोज करना तथा प्रशिक्षण के माध्यम से उनका विकास करना.
7. विश्वविद्यालय में नवयुवकों में नैतिकता तथा सदा व्यवहार की आदर्शों की स्थापना करना तथा चरित्र एवं व्यक्तित्व एवं अनुशासन आदि गुणों का विकास करना.
8. विश्वविद्यालयों के छात्रों में विविध प्रकार के ज्ञान का समन्वय करना तथा उनकी उपलब्धि के अनुसार तथा साधन देकर ज्ञान के साथ-साथ आध्यात्मिक विकास के अवसर प्रदान करना.
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