प्रारंभ में यह एक असंवैधानिक संस्था (Non statuary body) थी लेकिन सन 1993 में लोकसभा ने अधिनियम संख्या 73 के अंतर्गत इसे एक संवैधानिक संस्था घोषित कर दिया
इसकी निम्नलिखित क्षेत्रीय समितियां होती है
1- पूर्वी क्षेत्रीय समिति भुवनेश्वर
2- पश्चिमी क्षेत्रीय समिति भोपाल
3- उत्तरी क्षेत्रीय समिति जयपुर
4- दक्षिणी क्षेत्रीय समिति बेंगलुरु
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के उद्देश्य ( Objective of national Council of teacher education)
1- संपूर्ण देश में अध्यापक शिक्षा व्यवस्था में नियोजित एवं संबंध आत्मक विकास करना
2- अध्यापक शिक्षा की प्रचलित व्यवस्था के लिए मानक एवं स्तर का निर्धारण करना
3- अध्यापक शिक्षा के सभी स्तरों एवं पक्षियों से संबंधित कार्यक्रमों पर विचार करना
4- अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता का विकास करना
5- अध्यापक शिक्षा के सभी स्तरों पर गुणात्मक सुधार करना
राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के कार्य
1- अध्यापक शिक्षा के क्षेत्र में अनुसंधान कार्यों को सहायता एवं प्रोत्साहन देना
2- मानवीय शक्ति को सुनियोजित करना सर्वेक्षण एवं अनुसंधान इक महत्व द्वारा
3- देश में अध्यापक शिक्षा के विभिन्न स्तरों पर प्रचलित पाठ्यक्रम अनुदेशन प्रक्रिया एवं मूल्यांकन तकनीक का पुनः निरीक्षण करना
4- अध्यापक शिक्षा के लिए नवाज चारों की रूपरेखा बनाना और उन्हें व्यवहार में लाने के लिए प्रचारित करना
5- शैक्षिक पत्रिकाएं शोध रिपोर्ट ओं का प्रकाशन करना 6- अध्यापक शिक्षा संबंधी विभिन्न मॉडलों की प्रभावशीलता एवं भौतिक सुविधाओं का अध्ययन करना
7- अध्यापक शिक्षा की कुछ विशिष्ट संस्थाओं को उत्कृष्ट के स्तर तक पहुंचाना
8- शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को प्रोन्नत करना

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